Description
क्यों मुझे हमेशा ऐसा लगता है कि मैं अच्छा नहीं हूँ? क्यों मुझे हमेशा ऐसा लगता है कि मैं असफल हूँ? मुझे क्या पीछे खींच रहा है?मुझे नहीं पता कि फिर से कैसे कोशिश करूं। क्यों मैं हमेशा वही पुरानी आदतों पर आकर रुक जाता हूँ? क्या हम कभी-कभी अपनी जिंदगी में ऐसा महसूस नहीं करते… कि मैं फिर से बड़ा होना चाहता हूँ… एक बार फिर? यह पुस्तक हमें हमारे अंदर के गहरे हिस्सों से जोड़ने की कोशिश करती है, जिनमें सोचने पर मजबूर करने वाले मुद्दे शामिल हैं:+• हम वह क्यों नहीं करते जो हम करना चाहते हैं?• हम क्यों पकड़ कर रखते हैं? क्यों हम जाने नहीं देते!?• हम सभी प्रयास करते हैं, लेकिन असफलताओं और थकावटों का सामना कैसे करें?• हमारी धारणाओं को कैसे बदलें और हमारे पैटर्न को कैसे तोड़ें?यह एक आंतरिक यात्रा है कि अब तक हमने अपनी जिंदगी कैसे जी है और अब से हम इसे कैसे जीना चुनते हैं!’हमारे अंदर क्या होता है, यह उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि हमारे साथ क्या होता है!’







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